चैनत के ग्रामीण मुख्यमंत्री से मिले, मुख्यमंत्री ने टी कनेक्शन से किया इनकार, पानी देने को सरकार तैयार
धरना स्थल पर भविष्य की रणनीति बनाएंगे ग्रामीण

सत्य खबर हरियाणा
Bhakra drinking water pipeline dispute : हरियाणा के हांसी स्थित गांव चैनत में भाखड़ा पेयजल पाइपलाइन से टी-कनेक्शन की मांग को लेकर ग्रामीणों का 40 दिवसीय धरना निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। आज गुरुवार को ग्रामीणों की 35 सदस्यीय धरना कमेटी के 20 से ज्यादा सदस्य मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों को साफ कर दिया कि वर्तमान पाइप से टी पॉइंट देना संभव नहीं है।

वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि संबंधित पाइपलाइन से कनेक्शन देना वर्तमान कानून के तहत संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसा करना नियमों के दायरे में नहीं आता। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा कि स्वच्छ पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाना सरकार की जिम्मेदारी है और सरकार इस जिम्मेदारी को पूरी तरह निभाएगी।
मुख्यमंत्री ने धरना कमेटी से कहा कि उनका थोड़े दिनों में हिसार का दौरा प्रस्तावित है। वह जब भी हिसार आएंगे गांव चैनत में भी आएंगे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों की किसी प्रकार की कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी और गांवों के विकास के लिए सरकार लगातार कार्य कर रही है।
धरने पर जाकर फैसला करेगी कमेटी

मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक के बाद ग्रामीणों की कमेटी ने कहा कि वे धरना स्थल पर पहुंचकर आंदोलन में शामिल लोगों और ग्रामीणों के साथ आपस में चर्चा करेंगे। इसके बाद ही आगे की रणनीति और आंदोलन को लेकर कोई अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
चार दौर की वार्ता विफल हो चुकी
इससे पहले, ग्रामीणों की शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा, पीडब्ल्यूडी मंत्री रणबीर सिंह गंगवा और आईजी कुलदीप सिंह के साथ भी बैठकें हो चुकी हैं। इन बैठकों में सरकार ने स्पष्ट किया था कि अमृत-2 योजना के तहत बिछाई जा रही इस पाइपलाइन से गांव को कनेक्शन देना संभव नहीं है।सरकार ने ग्रामीणों के सामने एक वैकल्पिक प्रस्ताव रखा है। इसके तहत जल जीवन मिशन के अंतर्गत खरकड़ी हेड या राजली हेड से गांव चैनत के लिए एक अलग स्वतंत्र पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इस योजना में अलग बिजली लाइन, बिजली बाधित होने पर जनरेटर की व्यवस्था और अतिरिक्त 50 हॉर्स पावर की मोटर भी स्थापित की जाएगी, ताकि गांव को निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित हो सके। लेकिन ग्रामीण अब तक अपनी मांग पर अड़े हुए थे। आज मुख्यमंत्री ने भी ग्रामीणों को स्पष्ट कर दिया कि इस लाइन से टी कनेक्शन देना संभव नहीं है। ऐसे में अब ग्रामीणों का रुख क्या होगा यह आने वाला समय बताएगा।
मंत्री गंगवा ने कहा था- कनेक्शन नहीं दे सकते
बुधवार को हांसी स्थित पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में आयोजित प्रेसवार्ता में मंत्री रणबीर सिंह गंगवा ने दोहराया था कि वर्तमान भाखड़ा पाइपलाइन से टी-कनेक्शन देना तकनीकी और योजनागत रूप से संभव नहीं है। उन्होंने कहा था कि यदि ग्रामीण अलग पाइपलाइन के प्रस्ताव पर सहमत होते हैं तो हांसी शहर को पानी मिलने से पहले ही चानौत गांव तक पेयजल पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी।
अब सभी की निगाहें मुख्यमंत्री और ग्रामीण प्रतिनिधिमंडल के बीच होने वाली बैठक पर टिकी हुई थी। क्षेत्र के लोग इसे पूरे विवाद के समाधान की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण बैठक मान रहे थे और उम्मीद जताई जा रही थी कि आज कोई सकारात्मक निर्णय सामने आ सकता है, लेकिन बातचीत के बाद ग्रामीण उत्साहित नजर नहीं आए और उन्होंने धरना स्थल पर जाकर फैसला करने की बात कही। ग्रामीणों को उम्मीद थी कि मुख्यमंत्री उनकी मांग को स्वीकार कर सकते हैं लेकिन मुख्यमंत्री ने नियमों का हवाला देकर उनकी मांग को खारिज कर दिया।
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